حضرت علی (ع)
مِنْ کُنُوزِ الْجَنَّهِ الْبِرُّ وَ إِخْفاءُ الْعَمَلِ وَ الصَّبْرُ عَلَی الرَّزایا وَ کِتْمانُ الْمَصائِبِ.
हज़रत अली अ.स.
नेकी करके उसे छिपाना, मुसीबतों पर सब्र करना और अपनी परेशानियों को छिपाकर रखना (यानी उनकी शिकायत न करना) जन्नत के खज़ानों में से हैं!
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